
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल खरीदने वाले देशों को छूट दिए जाने के बाद भी भारत अपनी रणनीति नहीं बदलेगा।
सप्तमी और अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार, भारत सितंबर 2026 में प्रतिदिन लगभग 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल रूस से खरीद रहा है।
पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस से मिल रही रियायती कीमतों और उपलब्धता के कारण भारतीय रिफाइनरियों की लागत कम बनी हुई है।