जन्माष्टमी 2026 के अवसर पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा विधि और खान-पान के नियम जारी किए गए हैं।
व्रत के दौरान सात्विक भोजन और भगवान कृष्ण को अर्पित किए जाने वाले भोग में तुलसी दल का विशेष महत्व बताया गया है।
पंचांग के अनुसार, निशिता काल में पूजा करना सबसे शुभ माना गया है, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।