विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रजनन आयु की करीब 10 प्रतिशत महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से प्रभावित हैं, जो एक क्रॉनिक बीमारी है जिसमें गर्भाशय की परत बाहर विकसित होने लगती है।
यह बीमारी केवल पीरियड्स के दौरान दर्द तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पेल्विक पेन, अत्यधिक रक्तस्राव और प्रजनन क्षमता से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेग्नेंसी इसका इलाज नहीं है और हिस्टेरेक्टॉमी ही एकमात्र विकल्प नहीं है, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।