राज्यसभा में भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार बोलते हुए राघव चड्ढा ने पेपर लीक को 'कैंसर' करार दिया और छात्रों के विरोध को पूरी तरह जायज ठहराया।
संसद के दोनों सदनों से 'एंटी पेपर लीक बिल' पारित हो गया है, जिसका उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना और दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करना है।
चड्ढा ने सरकार से मांग की कि केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि एनटीए (NTA) जैसी संस्थाओं में आमूलचूल सुधार और जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।