
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने एचआईवी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले वयस्कों और 35 किलो से अधिक वजन वाले किशोरों के लिए लेनाकैपाविर इंजेक्शन को मंजूरी दी है।
इस दवा का उपयोग प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस के तौर पर किया जाएगा, हालांकि उपचार शुरू करने से पहले मरीज का एचआईवी टेस्ट निगेटिव होना अनिवार्य है।
समिति ने एटॉपिक डर्मेटाइटिस के लिए 1.5 फीसदी रक्सोलिटिनिब क्रीम और पेट संबंधी बीमारियों के लिए 400 व 550 मिलीग्राम के रिफैक्सिमिन सैशे को भी मंजूरी देने की सिफारिश की है।