
सुप्रीम कोर्ट ने दवा कंपनियों और अस्पतालों की मुनाफाखोरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कैंसर की दवा के दाम में भारी अंतर कत्लेआम जैसा है.
कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि ड्रग्स प्राइसेज कंट्रोल ऑर्डर के तहत तय 16 प्रतिशत खुदरा मार्जिन को हर दवा पर लागू क्यों नहीं किया जाता.
इस मामले में अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी और सॉलिसिटर जनरल ने दो हफ्ते का समय मांगा है.