
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान 16.18 लाख मतदाताओं के नाम जोड़ने की रिपोर्ट पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्टीकरण जारी किया है.
रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत पूरी पारदर्शिता से कराई गई है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, ये 16.18 लाख फॉर्म-6 थे जो 27 अक्टूबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच सर्वे में पात्र लोगों से एकत्र किए गए थे.