
कैथल के राजकीय कॉलेज में दाखिलों के प्रति छात्रों के कम रुझान के कारण 58 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गई हैं, जबकि आरकेएसडी कॉलेज में 70 प्रतिशत सीटें भर चुकी हैं।
राजकीय कॉलेज में कई पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वालों की संख्या 10 से भी कम है, जिससे उन पाठ्यक्रमों को नियमित रखना मुश्किल हो गया है।
कॉलेज प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क न बनाने और दाखिलों के लिए प्रचार न करने को इस स्थिति का मुख्य कारण माना जा रहा है।