
भारत में बिकने वाली कई व्हिस्की में गन्ने के शीरे से बनी 'एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल' (ENA) का उपयोग होता है, जो पारंपरिक स्कॉच से अलग है।
नियमों के अनुसार, यदि उत्पाद तय मानकों को पूरा करता है, तो उसे व्हिस्की के रूप में बेचा जा सकता है, भले ही निर्माण प्रक्रिया अलग हो।
भारत में कुछ सिंगल माल्ट व्हिस्कियां भी बनती हैं जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अनाज और ओक बैरल का उपयोग करती हैं।