
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
कई राज्यों ने इस पर चिंता जताई क्योंकि जो कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं ले सकते, उनके लिए यह टैक्स अतिरिक्त खर्च बन जाता है।
नए फ्रेमवर्क के तहत 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर चुनिंदा मर्चेंट पर चार्ज लग सकता है, लेकिन पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।