
महिलाओं में माइग्रेन के दौरे पड़ने की आशंका पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण मेनस्ट्रुएल साइकल के दौरान एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट है।
माइग्रेन एक आनुवंशिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो तनाव, नींद की कमी, ब्लड शुगर में असंतुलन और मौसम में बदलाव जैसे कारकों से सक्रिय हो सकती है।
माइग्रेन के चार चरण होते हैं, जिसमें शुरुआती चेतावनी के बाद ऑरा, सिरदर्द और अंत में हैंगओवर फेज़ शामिल है, जो व्यक्ति की कार्यक्षमता पर गहरा असर डालता है।