
पंजाब विधानसभा में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ प्रस्ताव रखा जिसे सदन में पारित कर दिया गया है।
प्रस्ताव के जरिए अब तक हुई एसआईआर प्रक्रिया की जांच कराने और मतदाता सूची से नाम काटने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बहस के दौरान दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत 13 करोड़ से अधिक लोगों के वोट काटे गए हैं और लोकतंत्र बचाने के लिए इसे रद्द होना चाहिए।