
एम्स की डॉ. मंजरी त्रिपाठी के अनुसार, 40 से 60 वर्ष की उम्र में ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखने से डिमेंशिया का खतरा कम होता है।
धूम्रपान से दूरी और नियमित शारीरिक गतिविधि मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान से बचाती है, जो डिमेंशिया का एक प्रमुख कारण है।
डिमेंशिया का इलाज कठिन होने के कारण विशेषज्ञ नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार को बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं।