सुप्रीम कोर्ट ने जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है, जिसका पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह और एके जैन ने स्वागत किया है।
दिल्ली पुलिस की फेशियल रिकग्निशन रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लगभग 2800 लोगों की पहचान आपराधिक मामलों के आरोपी या हिस्ट्रीशीटर के रूप में की गई है।
पूर्व डीजीपी ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हिंसा फैलाने वाले आपराधिक तत्वों पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।