यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में रेपो रेट को मौजूदा 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.75-6 फीसदी तक कर सकता है।
बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी जून के 4.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त के मध्य तक 8.05 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जिसके 11 सितंबर तक 14.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
महंगाई को नियंत्रित करने और लिक्विडिटी को सोखने के लिए आरबीआई दिसंबर से 25 बेसिस पॉइंट की दो से तीन बार बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे आम लोगों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा।