
15 अगस्त 1947 को भारत की साक्षरता दर केवल 18 फीसदी थी और औसत जीवन प्रत्याशा 32 वर्ष थी, जिससे देश ने 79 वर्षों में लंबी दूरी तय की है।
आजादी के बाद के आठ दशकों में भारत ने मानव विकास सूचकांकों में अभूतपूर्व सुधार किया है और अब दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर भारत की बदहाल अर्थव्यवस्था से लेकर वैश्विक स्तर पर गर्व करने वाली स्थिति तक की यात्रा को रेखांकित किया गया है।