
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने टिप्पणी की है कि अदालतों के दयालु रवैये के चलते हत्या के दोषियों को बार-बार राहत मिल रही है जिससे अपराध बढ़ रहा है।
अदालत हरियाणा में 2001 में पूर्व विधायक रेलू राम पुनिया और उनके परिवार के 8 सदस्यों की हत्या के दोषियों की रिहाई की मांग पर सुनवाई कर रही थी।
दोषी सोनिया और संजीव ने लंबी जेल अवधि का हवाला देकर रिहाई मांगी थी जिसका पीड़ित परिवार ने जोरदार विरोध किया है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।