
महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को बोलचाल की मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चालक संगठनों की मांग स्वीकार करते हुए कहा कि इस एक साल की अवधि के दौरान मराठी न आने पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
यह निर्णय मुंबई के चार कैब चालकों द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट में भाषा अनिवार्यता को चुनौती देने और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है।