इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने कहा कि भारत को महंगे AI मॉडल बनाने के बजाय आम समस्याओं को हल करने वाले AI टूल्स पर ध्यान देना चाहिए।
नीलेकणि के अनुसार, भारत खेती, हेल्थकेयर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग करके दुनिया की 'AI यूज-केस कैपिटल' बन सकता है।
भारत में स्टार्टअप्स की संख्या एक दशक में 10,000 से बढ़कर 1,50,000 हो गई है, जो भविष्य में रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनेंगे।