
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत किसी एक पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस त्रिपक्षीय रक्षा घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है।
यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया है, जिसे विशेषज्ञों द्वारा 'इस्लामिक NATO' के रूप में देखा जा रहा है।