SEBI ने धेनु बिल्डकॉन इंफ्रा लिमिटेड के मार्केट कैप को ₹3 करोड़ से ₹4,925 करोड़ तक ले जाने के लिए ₹25 करोड़ के फंड रोटेशन के जरिए हेरफेर का खुलासा किया है।
नियामक ने पाया कि कंपनी ने ₹1,000 करोड़ के फर्जी अनसिक्योर्ड लोन दिखाकर ₹840 करोड़ का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट किया, जिसमें सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन की भूमिका संदिग्ध है।
SEBI ने कंपनी और संबंधित 6 व्यक्तियों को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया है और स्टॉक एक्सचेंजों को मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।