
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क 'स्कॉलर एट रिस्क' की फ्री टू थिंक 2026 की रिपोर्ट में भारत को शैक्षणिक स्वतंत्रता के मामले में गंभीर रूप से प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है।
रिपोर्ट में उच्च शिक्षा में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने, यूनिवर्सिटी प्रशासन, कुलपतियों की नियुक्तियों और कैंपस में अभिव्यक्ति की आजादी पर चिंता जताई गई है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच 59 देशों में उच्च शिक्षा समुदायों पर कुल 382 हमले दर्ज किए गए हैं।