अमेरिकी इंजन आपूर्ति में देरी के बीच डीआरडीओ ने तेजस Mk1A फाइटर जेट के लिए अपना स्वदेशी जेट इंजन विकसित करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
यह नया इंजन 'कावेरी 2.0' सीरीज का हिस्सा है, जो भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता को बढ़ाते हुए विदेशी निर्भरता को कम करेगा।
इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद भारत अब भविष्य की मिसाइलों और ड्रोन के लिए भी स्वदेशी इंजन सीरीज पर काम शुरू कर रहा है।