
भारत में इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए बड़े सुधारों की आवश्यकता जताई गई है।
नीट जैसी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों को देखते हुए विशेषज्ञों ने एआई के युग में कौशल-आधारित शिक्षा पर जोर देने की सलाह दी है।
लेख में जर्मनी की दोहरी शिक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए भारत को अपनी परीक्षा प्रणाली में बदलाव करने का सुझाव दिया गया है।