
अगस्त 2026 में वैश्विक चीनी कीमतों में 11.9 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे FAO का खाद्य मूल्य सूचकांक औसतन 133.3 अंक के स्तर पर पहुंच गया है।
कीमतों में इस उछाल के पीछे यूरोप में खराब मौसम, अल नीनो का प्रभाव, ब्राजील में कम उत्पादन और भारत द्वारा कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की घोषणा जैसे कारक जिम्मेदार हैं।
FAO की रिपोर्ट के अनुसार, अनाज, डेयरी और मांस की कीमतों में भी 1 से 2.3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2026 में वैश्विक अनाज उत्पादन 2,980 मिलियन टन रहने का अनुमान है।