
गाजियाबाद जिले में सरकारी स्तर पर कैंसर की व्यापक जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों और समुचित उपचार की सुविधाएं सीमित हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेज न होने के कारण गंभीर कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली और आसपास के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य के अनुसार जांच और काउंसिलिंग की सुविधा शुरू हो चुकी है और जल्द ही इलाज की व्यवस्था भी कराई जाएगी।